Nawaz Poetry - Helpless Minority

Nawaz Poetry

उस दर्द के मारे का आलम क्या कहे नवाज़
जिनके अश्कों को आँखों तक लाने के लिए भी
उन्हें 100 बार ठिठकना पड़ता है |

helpless minority

Paigame Muhabbat – Written By Nwaz

Paigame Muhabbat Ab koi nhi samajh pata is gum ko Ab ye gum chupa hi rahe duniya se to acha ...
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missing you

तेरी जिंदगी से बहुत दूर चले जाना है

Sad Poetry तेरी जिंदगी से बहुत दूर चले जाना है फिर न लौट कर इस दुनिया में आना है, बस ...
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